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नाबा ने चौंकाया, ज्योति ने बनाई जीत की हैट्रिक

Fri, 20 Nov 2015 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। अखिल भारतीय इंदिरा मैराथन प्राइजमनी के 31वें संस्करण में भी सेना के धावक छाये रहे। पुरुष वर्ग में पहले स्थान पर कब्जा करने वाले नए चेहरे के रूप में सामने आए सेना के एल. नाबा चंद्र ने सबको चौंका दिया तो तीसरे स्थान पर सुनील कुमार रहे। वहीं, मैराथन के तीन बार के विजेता रह चुके अरविंद कुमार यादव दूसरे स्थान पर रहे। रेलवे में नौकरी करने वाले अरविंद ने इस बार मैराथन में स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ से अपनी इंट्री कराई। पहले और तीसरे स्थान के साथ सेना के धावकों ने शीर्ष 14 में छह अन्य स्थानों पर भी कब्जा जमाया।
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महिला वर्ग में परिणाम लगभग रिपीट हो गया। गत वर्ष प्रथम दो स्थानों पर रहने वाली दोनों धाविकाएं इस बार भी उसी पोजीशन पर रहीं। मराठी बाला ज्योति शंकर गवते ने महिला वर्ग में अपनी जीत की हैट्रिक पूरी की। भदोही की ज्योति सिंह ने पिछले साल की तरह इस बार भी दूसरे स्थान पर अपना कब्जा बरकरार रखा। 2013 में तीसरे स्थान पर रहीं पश्चिम बंगाल की श्यामली सिंह को इस बार भी तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। पुरुष एवं महिला वर्ग में विजेता धावकों को दो लाख एक हजार रुपये जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे धावकों को क्रमश: एक लाख एवं 75 हजार रुपये पुरस्कार राशि दी गई।

आनंद भवन से बृहस्पतिवार सुबह साढ़े छह बजे रवाना हुई 42.195 किमी की मैराथन की शुरुआत से ही सेना के धावकों ने रफ्तार पकड़ ली। उन्हें सिर्फ स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के अरविंद ही टक्कर देते नजर आए। पहले छह किलोमीटर तक सेना के एल. नाबा, सुनील कुमार, सत्य प्रकाश सहित सेना के दर्जन भर धावक आगे चल रहे थे और उनके बीच रेलवे में नौकरी करने वाले अरविंद ने अपनी जगह बना रखी थी। सर्किट हाउस से हाईकोर्ट हनुमान मंदिर, सीएमपी डिग्री कॉलेज, बैरहना, नए यमुना पुल तक यही स्थिति बनी रही। आठ बजे अरैल के पास बने टर्निंग प्वाइंट पर वापसी के दौरान इस झुंड में आधा दर्जन धावक ही बचे और बाकी काफी पीछे जा चुके थे। वापसी पर नए यमुना पुल पर साढ़े आठ बजे प्रथम चार धावकों ने बढ़त बना ली।
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दूरी जब सात किलोमीटर बाकी रह गई, तब एल. नाबा चंद्र ने अपनी रफ्तार बढ़ा ली जबकि सुनील, अरविंद और सत्य प्रकाश एक साथ रहे। धीरे-धीरे यह दूरी बढ़ती गई। मेडिकल चौराहे पर नाबा ने अन्य धावकों से 100 मीटर का फासला बना लिया और इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।  वहीं, महिला वर्ग में भी यही स्थिति रही। मराठी बाला ज्योति शंकर गवते ने शुरू से ही रफ्तार पकड़ ली और अंत तक यह बढ़त कायम रखी। दूसरे स्थान पर रहीं ज्योति सिंह और तीसरे स्थान पर रहीं श्यामली सिंह कहीं भी मराठी बाला के आसपास नहीं दिखीं। इससे पूर्व सुबह आनंद भवन से कमिश्नर राजन शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। शाम को मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में खेल मंत्री राम सकल गुर्जर से विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।
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पुरुष वर्ग
एल नाबा चंद्र-प्रथम
अरविंद कुमार यादव-द्वितीय
सुनील कुमार-तृतीय

महिला वर्ग
ज्योति शंकर गवते-प्रथम
ज्योति सिंह-द्वितीय
श्यामली सिंह-तृतीय
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