फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरुब से निकले सुरुज देव दीन्ह असीस

Thu, 19 Nov 2015 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सूर्य उपासना का चार दिवसीय पर्व डाला छठ बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा हुआ। माथे से नाक तक दमकते सिंदूर के साथ व्रती महिलाएं पूरे उल्लास के साथ सूप में जलता दीपक लेकर घाट पहुंचीं। पूजा स्थल पर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की और कमर भर पानी में खड़े होकर पल-पल सूर्य के निकलने की प्रतीक्षा की। सूर्य की पहली किरण के साथ ही घंटा-घड़ियाल बजने लगे। शंखनाद के बीच व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया और पति, पुत्र तथा परिवार की मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।
विज्ञापन


पूरी रात जागरण के बावजूद व्रतियों के चेहरे पर आस्था का उल्लास था। छठी मइया के गीत गाती और हाथ में लिए सूप और दीपक की लौ को जलाए रखने का जतन करती हुईं घाट पहुंचीं। भोर से ही लोग घाटों की ओर पहुंचने लगे थे। व्रती महिलाएं घरों से निकलीं तो उनका हौसला बढ़ाने के लिए पास-पड़ोस के लोग भी संग हो लिए। बलुआघाट, संगम सहित घाटों की ओर जाने वाले रास्ते छठ मइया के गीतों से गुलजार रहे। अर्घ्य देने के बाद घर लौटकर व्रती महिलाओं ने बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और फिर कोई मीठी चीज खाकर व्रत का पारण किया।

पूर्वांचल छठ पूजा समिति के अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में स्वयंसेवक संगम तट पर मुस्तैद रहे। समिति की ओर से तट पर प्रकाश व्यवस्था और भूले भटकों को मिलाने का कार्य किया गया। संगम तट पर सुदामा सिंह, शेषनाथ सिंह, लल्लन राय, विनय उपाध्याय, अजीत राय, कृष्णनंद तिवारी, संजीव सिंह, मनोज पांडेय आदि मौजूद रहे। समिति की ओर से रामलीला मैदान अल्लापुर में शनिवार को भोजपुरी संध्या का आयोजन किया गया है।
विज्ञापन


बाबा समाज सेवी संस्थान की ओर से बलुआघाट पर आयोजित भजन संध्या का समापन बुधवार को हुआ। जाने-माने भजन गायकों ने गीतों से सूर्य और छठी मइया की महिमा बखानी। वहीं संयोजक सतीश केसरवानी की देखरेख में मेले में आने वाले श्रद्धालुओं िकी मदद के साथ उन्हें हर प्रकार से सहयोग किया गया। भंडारा में भी प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें