इलाहाबाद(ब्यूरो)। शहर में पुराने व्यावसायिक भवनों और छोटे दुकानदारों को बढ़ा टैक्स कम करने पर अंतिम फैसला होना बाकी है। नगर निगम कार्यकारिणी में इस संबंध में निर्णय हो चुका है, लेकिन अब सदन में पार्षदों की आपसी सहमति के बाद ही इस पर अंतिम फैसला होगा।
इसके लिए नगर निगम सदन की बैठक जल्द होने की उम्मीद है।
नगर निगम ने व्यावसायिक भवनों का नए सिरे से सर्वे करने के बाद टैक्स में दो प्रतिशत इजाफा कर नोटिस जारी कर दिया, जबकि यह बढ़ोतरी सिर्फ नए व्यावसायिक भवनों पर होनी थी। दो नवंबर को कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों (पार्षदों) ने यह मामला उठाया था।
महापौर अभिलाषा गुुप्ता नंदी और नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय की मौजूदगी में बैठक में तय हुआ था कि भवन मालिक आपत्ति दर्ज कराएं, उसका निस्तारण किया जाएगा, यानी पुराने भवनों पर दो प्रतिशत बढ़ोतरी वापस ले ली जाएगी। इसके साथ यह भी तय हुआ था कि पुराने आवासीय भवनों की भांति पुराने व्यावसायिक भवनों को भी टैक्स में छूट दी जाएगी।
बैठक में छोटे दुकानदारों के टैक्स में पांच से छह गुना तक वृद्धि के मामले में तय हुआ था कि उन्हें टैक्स की तीसरी श्रेणी में रखा जाए ताकि दो गुना की वृद्धि हो। कार्यकारिणी की बैठक में इस पर फैसला होने के बाद अब सदन में सभी पार्षदों के सामने भी इन मुद्दों पर चर्चा होनी है। इसके बाद ही पुराने व्यावसायिक भवनों पर टैक्स में छूट और दो प्रतिशत बढ़ाया गया टैक्स वापस हो सकेगा लेकिन छोटी दुकानों का मामला लटक सकता है क्योंकि कार्यकारिणी के फैसले के बाद उसे शासन को संदर्भित कर दिया गया है।