इलाहाबाद (ब्यूरो)। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) की दूसरे चक्र की परीक्षा में आधे से अधिक 52 फीसदी परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। सीएचएसएल परीक्षा के दूसरे चरण में चार परीक्षार्थियाें को इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के जरिए नकल करते पकड़ा गया। एसएससी ने चारों परीक्षार्थियों को तीन वर्ष तक परीक्षा से डिबार कर दिया है।
पकड़े गए परीक्षार्थियों में गोरखपुर से दो, पटना-इलाहाबाद से एक-एक शामिल हैं।
एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से हुई सीएचएसएल परीक्षा में पंजीकृत 515042 परीक्षार्थियों में से मात्र 47.62 फीसदी ही परीक्षा में शामिल हुए। सीएचएसएल परीक्षा के लिए एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से यूपी एवं बिहार के 14 शहरों में 567 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि परीक्षा के दौरान आयोग की ओर से नकलचियों को पकड़ने के लिए बिछाए गए जाल में मोबाइल से नकल करने वाले चार अभ्यर्थी पकड़े गए।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त किसी भी केंद्र से परीक्षा में गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली है। इलाहाबाद में पंचम लाल आश्रम इंटर कॉलेज में एक परीक्षार्थी अनूप को मोबाइल के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करते पकड़ा गया। इस परीक्षार्थी को आयोग ने तीन वर्ष तक एसएससी की परीक्षाओं से डिबार कर दिया। इसके अतिरिक्त गोरखपुर में पहली बार मोबाइल के जरिए नकल करते दो परीक्षार्थी पकड़े गए।
नकलचियों पर अंकुश लगाए जाने के बाद एसएससी की परीक्षाओं में लगातार परीक्षार्थियों की उपस्थिति कम हो रही है। इलाहाबाद में सीएचएसएल की दूसरे चक्र की परीक्षा में मात्र 45 फीसदी उपस्थिति रही जबकि पहले चक्र की परीक्षा में 58.20 उपस्थिति रही। एसएससी परीक्षा में शामिल होने वाले प्रतियोगियों का कहना है कि लगातार परीक्षा के प्रश्नपत्र आउट होने के कारण मनोबल टूट रहा है।