इलाहाबाद, 10 नवंबर। बारा तहसील के गींज गांव में भूख से बाप-बेटी की मौत का मामला यूपी के राज्यपाल राम नाईक तक पहुंच गया है। सोमवार को इलाहाबाद आए राज्यपाल को भाजपाइयों और कांग्रेसियों ने ज्ञापन देकर मामले में उच्चस्तरीय जांच कराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
पश्चिमी बंगाल के गवर्नर केशरी नाथ त्रिपाठी के जन्म दिवस समारोह में शामिल होने इलाहाबाद आए यूपी के गवर्नर राम नाईक को सांसद श्याम चरण गुप्ता, सांसद केशव प्रसाद मौर्य, जिलाध्यक्ष राम रक्षा द्विवेदी, पार्टी नेता सुबोध सिंह, नरसिंह, राजेंद्र पांडेय, श्यामधर मिश्र ने ज्ञापन सौंपा और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। भाजपाइयों ने मांग की कि पीड़ित परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए, प्रदेश सरकार बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाए और परिवार के लिए आवास की व्यवस्था करे। यह आरोप भी लगाया कि पूरे यमुनापार में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं को लागू करने में भारी घोटाला किया गया है।
इसकी सीबीआई जांच कराने और दोषी अफसरों को जेल भेजने की मांग की गई। वहीं, भाजपाइयों ने जिलाध्यक्ष राम रक्षा द्विवेदी के नेतृत्व में अलग से बैठक कर भूख से मौत के मामले में प्रदेश की सपा सरकार की आलोचना की। बैठक में मृगेंद्र सिंह, सुबोध सिंह, राजेंद्र पांडेय, संतोष त्रिपाठी, राजेश शुक्ला आदि मौजूद रहे। उधर, कांग्रेस की ओर से प्रदेश सचिव मुकुंद तिवारी, पार्टी नेता चुन्ना शुक्ला, अजीत कुशवाहा, मंयक प्रजापति आदि ने भी राज्यपाल को ज्ञापन देकर भूख से मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
इसके अलावा आल इंडिया किसान मजदूर सभा के अध्यक्ष राम कैलाश कुशवाहा ने भी मांग की है कि डीएम भूख से बाप-बेटी की मौत न होने से संबंधित अपना बयान वापस लें और पीड़ित परिवार के लिए समय रहते कोई इंतजाम न किए जाने पर एसडीएम बारा एवं परिवार को डराने-धमकाने के लिए एसओ घूरपुर को सस्पेंड किया जाए।