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सरकारी काम में सुस्त कार्यशैली से डूब रहे करोड़ों

Tue, 10 Nov 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। राज्यपाल रामनाईक ने सरकारी विभागों की सुस्त कार्यशैली को बीमारी बताया। मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक भवन के उद्घाटन के बाद शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि काम में देरी की वजह से करोड़ों रुपये बर्बाद हो जा रहे हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए।
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विश्वविद्यालय के अफसरों ने राज्यपाल को बताया कि  नए भवन का निर्माण कार्य 2010 में शुरू हुआ था। उस समय 27 करोड़ खर्च का अनुमान लगाया गया था, लेकिन उसके निर्माण में देरी की वजह से कुल 37 करोड़ रुपये खर्च हो गए। इस पर चिंता जाहिर करते हुए राज्यपाल ने पूरी सरकारी व्यवस्था पर विचार करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय तथा राज्य दोनों विभागों में इस तरह की समस्या है।

उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में ही उसकी लागत तथा पूरा होने की अवधि स्पष्ट होनी चाहिए। साथ में उसे समय से पूरा करना भी सुनिश्चित करना चाहिए। राज्यपाल ने देश की शिक्षा व्यवस्था तथा गुणवत्ता में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने छात्र-छात्राओं से सिर्फ किताबी कीड़ा न बनने की सलाह दी। कहा कि ज्ञान के साथ अच्छा स्वास्थ्य भी जरूरी है। व्यक्तित्व निर्माण के लिए उन्होंने हमेशा खुश रहने, दूसरों के अच्छे काम की सराहना करने की सलाह दी। इससे पहले उन्होंने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया।
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समारोह में कुलपति प्रोफेसर ए.सत्यनारायण ने विश्वविद्यालय के समक्ष खड़ी चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। रजिस्ट्रार प्रोफेसर बीपी सिंह ने भवन में उपलब्ध सुविधाओं के साथ विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास पर प्रकाश डाला। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर एनके शुक्ला ने स्मृति चिह्न प्रदान कर राज्यपाल का स्वागत किया। छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने भी पुष्प गुच्छ भेंट की। संचालन तथा धन्यवाद प्रोफेसर संजीव भदौरिया ने ज्ञापित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अफसर और विद्यार्थी मौजूद रहे।

इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट हाल में राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडीज (आईपीएस) के विद्यार्थियों की मौजूदगी रही। हालांकि राज्यपाल के कार्यक्रम के मद्देनजर मंगलवार को छुट्टी स्थगित कर दी गई थी, लेकिन विद्यार्थी नहीं पहुंचे। इसकी वजह से आईपीएस को छोड़ अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों की संख्या गिनती की रही।

- सम्मान वापस करने के मुद्दे पर राज्यपाल रामनाईक ने ज्यादा बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक हो गया है। इसलिए उनका बोलना उचित नहीं होगा, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि सम्मान व्यक्ति की विशेषता को मिलता है। इसके आगे उन्हाेंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है।

 छात्रसंघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी कुलपति की मांग का ज्ञापन सौंपा। ऋचा ने ज्ञापन के माध्यम से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की तिथि आगे बढ़ाने, ग्लोबलाइजेश सेंटर को भवन एलॉट करने तथा विश्वविद्यालय परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स तैनात करने की भी मांग की। छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के नेतृत्व में एबीवीपी का प्रतिनिधिमंडल भी राज्यपाल से मिला और ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि छात्र-छात्राओं की इस समस्या से वह मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में नीरज प्रताप सिंह, अवनीश राय, शिवम तिवारी आदि शामिल रहे।

संपूर्ण युवा क्रांति के अध्यक्ष राणा यशवंत प्रताप सिंह के नेतृत्व में छात्रों ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच समेत 10 सूत्रीय मांग का ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। छात्र पीसीएस में सीसैट खत्म करने, प्रतियोगियों की सुविधा को ध्यान में रखकर परीक्षा केंद्र बनाने, प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के कम से कम 90 दिन बाद मुख्य परीक्षा कराने की भी मांग कर रहे थे।
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