घरों के इंटीरियर को एंटीक और ट्रेडिशनल लुक देना हो तो दीवाली से बेहतर अवसर और कोई हो ही नहीं सकता। यहीं तो मौका है जिसका इंतजार लोगों को वर्ष भर रहता है। फेस्टिव सीजन को कैश करने के लिए बाजार पूरी तरह तैयार हो गए हैं। लक्ष्मी-गणेश से लेकर सजावटी सामान की एक से बढ़कर एक वैरायटीे सिविल लाइंस, चौक, कटरा, कोठापार्चा, प्रीतमनगर समेत अन्य बाजार व विभिन्न मोहल्ले के चौराहों पर लगी दुकानों में सजी हैं। दीवाली पर मां लक्ष्मी के स्वागत हर कोई अपने घरों को सजाने के लिए कुछ नया ही तलाश रहा है।
डिजाइनर दीयों पर टिकी सबकी निगाह
इस बार टेराकोटा के डिजाइनर दीयों पर सभी की निगाह टिक रही है। हर साल जहां एक से लेकर पांच दीयों का सेट होता था, वहीं इस बार नौ दीयों के सेट मौजूद हैं, वो भी बेहद आकर्षक और डिजाइनर अंदाज में। दीयों के सेट को हंस, शंख और कलश को बेस बनाकर बनाया गया है। खास यह कि इसमें दीयों के सेट के साथ उसमें लक्ष्मी, गणेश भी बने हुए हैं। जिससे आपको अलग से लक्ष्मी गणेश की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिविल लाइंस में दीयों के विक्रेता अंकित ने बताया कि सभी सामान कोलकाता से मंगाया गया है।
घरों को ट्रेडिशनल अंदाज देंगे बंधनवार
घरों को सजाने के लिए पोत की मोती, शंख, शीशों, कुंदन, कौड़ियों और फूलों से बने बंधनवार लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इनकी कीमत 150 से 600 रुपये तक के बीच है। अलग लुक देने के लिए इनमें जूट का भी कलात्मक प्रयोग किया गया है। दफ्ती पर भी ग्लीटर का बेहतरीन इस्तेमाल है। विभिन्न आकारों की कंडील भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुई है। आर्टीफीशियल फूलों की आकर्षक लड़ियां भी बाजार की रौनक बढ़ा रही हैं।
डिजाइनर कैंडल्स की बात अलग
डिजाइनर कैंडल्स की एक से बढ़कर एक वैरायटी और डिजाइन लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। जिन्हें खुशबू की दरकार है उनके लिए चाकलेट, लैवेंडर, आरेंज, लेमन और अलग- अलग फूलों की खुशबुओं में कैंडल्स हैं। इसी तरह जेल कैंडल भी अलग शेप और मनमोहक रंगों में आसानी से उपलब्ध हैं। घर की रौनक में चार चांद लगाने के लिए फ्लोटिंग कैंडिल भी मौजूद हैं। मोमबत्ती विक्रेता मुन्ना ने बताया कि इस बार कैंडिल्स नैनीताल से मंगवाई गई है।
टैराकोटा भी है खास अंदाज में
घरों को सजाने की बात हो और उसमें टैराकोटा के बनाने सामान की बात न हो तो सजावट अधूरी है। टैराकोटा के डिजाइनर दीये, विंड चाइम्स, हाथी, घोड़े, घरौदा, मटके समेत कई तरह की मूर्तियां भी मौजूद हैं। इसके साथ ही मिट्टी के घरौदें, खिलौने, दीये आदि लोग अपनी पसंद के आधार पर खरीदारी कर रहे हैं।