शिक्षामित्रों के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति के बाद जुलाई में घर वापसी की उम्मीद लगाए प्राथमिक शिक्षकों को झटका लग सकता है। शिक्षामित्रों का समायोजन होने के बाद जिले में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली ही नहीं बचे हैं, ऐसे में दूसरे जिलों में पढ़ा रहे प्राथमिक शिक्षकों की घर वापसी की राह मुश्किल होती जा रही है।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तैनात विशिष्ट बीटीसी, बीटीसी शिक्षक अपने जिले में वापसी के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। ये शिक्षक अपने जिले के बीएसए से अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए लगातार प्रयास में लगे हैं। इसके लिए ये सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय से लेकर प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए शिक्षक मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर बेसिक शिक्षामंत्री तक से पैरवी भी कर रहे हैं। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पहुंचे शिक्षकों को विभाग के अधिकारी ने बताया कि शिक्षामित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती हो जाने के बाद जिले के प्राथमिक विद्यालयों में कोई पद खाली नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों को अपने जिले में वापसी के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।