जिला न्यायालय ने जवाहर पंडित हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद कपिल मुनि,को अपनी मां की मुखाग्नि देने और उदयभान, और सूरजभान करवरिया को माता के अन्तिम दर्शन के लिए दाह संस्कार स्थल रसूलाबाद घाट पर पुलिस अभिरक्षा में जाने की अनुमति प्रदान की । कोर्ट की इजाजत के बाद तीनों भाइयों ने रसूलाबाद घाट पहुंचकर अपनी माता का अंतिम संस्कार किया। उनकेप्रार्थनापत्र पर एडीजे प्रेमनाथ ने सुनवाई की।
अभियोजन के अनुसार करवरिया बंधुओ की ओर से अदालत में अर्जी दी गयी कि 13सितंबर की रात उनकी 77वर्षीय माता भाग्यवती देवी का वात्सल्य अस्पताल में देहांत हो गया है इसलिए अन्तिम संस्कार में जाने और क्रिया कर्म करने के लिए 15 दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेजने की अनुमति दी जाए । अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मृत्यु प्रत्येक इंसान के जीवन का अत्यंत संवेदनशील और दुखद पहलू है।
हिंदू परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पुत्र को माता-पिता की मृत्यु पर मुखाग्नि देने का अधिकार है । तीनाें में कपिल मुनि करवरिया बडे़ हैं । सभी जिस दिन से जेल में है अपनी मां को देख नहीं पाए हैं । कोर्ट ने विधि व्यवस्था एसएलपी बृजेश सिंह बनाम स्टेट आफ गुजरात का हवाला देते हुए एसएसपी आदि को निर्देश दिया कि वे तीनो बंदियो को तीन घंटे के लिए दाह संस्कार स्थल पर ले जाये और उसके बाद उन्हे नैनी जेल भेजा जाए । अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र, देवेंद्र मिश्र नगरहा सहित तमाम वकीलों ने उनको पक्ष रखा।