फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्विस टैक्स न बढ़ता तो बन जाती बात

Tue, 01 Mar 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
आम बजट को लेकर आधी दुनिया में मिलीजुली प्रतिक्रिया जताई है। कुछ ने इसे संतोषजनक बताया है कि कुछ में मायूसी है। किसानों और गरीबों को बजट में तवज्जो देने से महिलाएं खुश तो हैं लेकिन सर्विस टैक्स बढ़ने और इनकम टैैक्स स्लैब को न बढ़ाने से परेशान भी हैं। अलोपीबाग की डॉ. शिक्षा दीक्षित का कहना है कि कामकाजी महिलाओं को टैक्स स्लैब में छूट न देने से निराशा हुई। काफी समय से महिलाएं टैक्स स्लैब में छूट की मांग कर रहीं थी। वहीं सर्विस टैक्स बढ़ने से दिक्कतें और बढ़ जाएगी। घूमना, बाहर खाना-पीना सब कुछ तो महंगा हो गया है। महिलाओं के लिए बजट में फायदे कम और नुकसान ज्यादा है।
विज्ञापन

नया कटरा की आस्था वर्मा कहतीं हैं कि जनता से अच्छे दिन की बात की गई थी लेकिन बजट देखकर तो ऐसा नहीं दिखता। यह अच्छा कदम है कि बजट में किसानों और गरीबों के बारे में सोचा गया है, मगर मध्यम वर्ग का भी ख्याल रखना चाहिए था। कपड़ा, फिल्म देखना, मोबाइल बिल, इंटरनेट सेवा, बैंकिंग, बीमा सब कुछ तो महंगा हो गया है।
नया कटरा की स्नेह लता त्रिपाठी कहती है कि बजट संतोषजनक है, क्योंकि इसमें किसानों और गरीबों पर विशेष ध्यान दिया गया है। गैस कनेक्शन महिलाओं के नाम पर देने का कदम भी अच्छा है। साउथ मलाका की गुंजन शर्मा कहतीं हैं कि ओवरऑल बजट अच्छा है। रही बात सर्विस टैक्स की तो बाहर आने-जाने और खाने और ब्यूटी पार्लर आदि जाने जैसी ख्वाहिशों को तो नियंत्रित किया जा सकता है। म्योराबाद की डॉ. निधि धवल का कहना है कि केंद्र सरकार का बजट दूरदर्शी है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम दिखेेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें