व्यावसायिक भवनों के बढ़े गृहकर के मुद्दे पर अब महापौर और नगर आयुक्त में ठन गई है। महापौर ने सोमवार को यहां आए नगर विकास सचिव एसपी सिंह को पत्र सौंपकर व्यावसायिक भवनों के कर निर्धारण के लिए जारी की गई संपत्ति कर नियमावली में संशोधन की मांग की। इसके बाद नियमावली में संशोधन की आस बंध गई है। इस बीच नगर आयुक्त का कहना है कि शासन से संशोधित संपत्ति कर नियमावली को लागू किया गया है। निगम स्तर से इसमें कुछ नहीं होना। शासन जो निर्देश देगा, उसके तहत कदम उठाए जाएंगे। एक्ट में जो अधिकार है, उसमें महापौर हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।
संशोधित संपत्ति कर नियमावली के तहत ही नगर निगम व्यावसायिक भवनों का टैक्स निर्धारित किया है। इसकी वजह से आवासीय के मुकाबले अलग-अलग श्रेणियों के व्यावसायिक भवनों में दो से छह गुना तक इजाफा हो गया है। पार्षद, व्यापारिक और सामाजिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। शासनादेश के क्रम में टैक्स में इजाफा करने वाले निगम अफसर बैकफुट पर आने के मूड में नहीं है। इस बीच महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने सोमवार को शहर आए नगर विकास सचिव से मुलाकात कर पत्र सौंपा। उन्होंने खासकर छोटी दुकानों जैसे परचून, नाई, जनरल स्टोर, चाय, सब्जी आदि के टैक्स आवासीय का दो गुना करने की मांग की। उम्मीद की जा रही है कि इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी हो सकता है।