इलाहाबाद संग्रहालय का 86वां स्थापना दिवस रविवार को शानदार अंदाज में मनाया गया। संग्रहालय की समृद्ध और एतिहासिक उपलब्धियों को याद किया तो वहीं शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बहुरंगी प्रस्तुतियों से सजी। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने संग्रहालय की उपलब्धियों की सराहना की। उन्हाेंने संग्रहालय में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद और गांधी स्मृति वाहन पर आधारित लाइट एंड साउंड कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विद्याधर मिश्र ने कहा कि इलाहाबाद संग्रहालय में कलाकृतियों का ऐसा विविधतापूर्ण संग्रह शायद ही अन्य संग्रहालयों में हो। ये सांस्कृतिक दृष्टि से अपनी महत्ता कि साथ-साथ भारतीय इतिहास के विविध चरणों को भी प्रमाणित करती हैं। इस मौके पर मधुरिमा गोस्वामी ने अपनी कथक मुद्राओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रभा सिंह और साथी कलाकारों ने संस्कार गीत और नृत्य और बीना सिंह एवं कलाकारों ने ढेड़िया नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया।
इससे पूर्व सुबह विरासत यात्रा के काफिले को संस्कृति मंत्रालय के अपर सचिव केके मित्तल, संग्रहालय निदेशक गौरव कृष्ण बंसल और नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अपर सचिव ने बच्चों से कहा कि उन्हें अपनी विरासत और धरोहरों के प्रति सजग रहना चाहिए, क्योंकि उनकी पहचान विरासतों से ही है। यात्रा विभिन्न रास्तों से होती हुई संग्रहालय पहुंची। इसके बाद बच्ची अन्वेषा रावत, संग्रहालय निदेशक, निर्माता-निर्देशक एन. चंद्रा और उनकी पत्नी ने केक काटा।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. संजू मिश्रा, संचालन नंदल हितैषी-संजय पुरुषार्थी और आभार ज्ञापन डॉ. ओंकार वानखेड़े ने किया। इस मौके पर प्रो. अमर सिंह, लोक सेवा आयोग सचिव डॉ. एसके सिंह प्रो. हरिदत्त शर्मा, डॉ. श्रीरंजन शुक्ल, डॉ. विदुला दिलीप, डॉ. दिलीप चौरसिया, , रविनंदन सिंह समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।