अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव प्रयाग का समापन रविवार को सांस्कृतिक केंद्र में फिल्मों के पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। जिसमें स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड में मेहर सिंह को फिल्म ‘द लिविंग स्केर क्रो’ के लिए और मो. अली शाह को ‘द रूफीयन’ में बेस्ट एक्टिंग का सम्मान दिया गया। ‘द डॉटर्स ड्रीम्स’ के लिए मंटो पशुपतिनाथ को बेस्ट निर्देशक और स्पेशल फिल्म अवॉर्ड फिल्म ‘बाजार’ को दिया गया। बेस्ट स्टोरी ‘गाड़ीवाला- द कार्ट’, बेस्ट चिल्ड्रेन फिल्म ‘यारो समझा करो’, बेस्ट शार्ट फिक्शन फिल्म ‘द लिविंग स्केर क्रो’ और ‘स्याही’ फिल्म को दिया गया।
तीन सदस्यों की ज्यूरी ने विभिन्न श्रेणियों में फिल्मों का चुनाव किया। ज्यूरी में फिल्म स्कॉलर अमृत गैंगर, अभिनेता-फिल्मकार गुल रेयाज और तेहरान से आए फिल्मकार मसूद बख्शी शामिल रहे। महोत्सव में सुदूर गांवों के पिछड़ेपन, मूलभूत समस्याओं का अभाव, देश में महिला शिक्षा और सामाजिक समस्याओं पर आधारित फिल्मों को काफी पसंद किया गया। महोत्सव के अंतिम दिन 25 फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। कोलकाता के निर्देशक रजत सहा की ‘माफीनामा’, तजाकिस्तान की फिल्म ‘इन द नेम ऑफ फादर’ फिल्मों को दर्शकोें ने खूब पसंद किया। तीन दिनों में तकरीबन 54 फिल्में दर्शकों को दिखाई र्गइं। महोत्सव निदेशक हसन हैदर ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।