निरंजन रेल ब्रिज पर गॉर्डर बदलने का काम रविवार की रात पूरा कर लिया गया। रेलवे का दावा है कि रात भर में मलबा उठा लिए जाने के बाद सोमवार की सुबह पुल के नीचे का रास्ता आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण का काम यहां तीन मार्च से शुरू होगा जो छह मार्च तक चलेगा। उधर, रविवार को रेलवे की ओर से लिए गए ट्रैफिक ब्लॉक की वजह से तमाम ट्रेनें विलंबित हो गई। आसपास के स्टेशनों पर ट्रेनों को घंटों रोक लिए जाने से यात्रियों को खासी परेशानी हुई।
निरंजन ब्रिज संख्या 38 पर अंतिम बार 1906 में रिगॉर्डिंग की गई थी। अभी तक रेल परिचालन इसी स्टील गॉर्डर वाले पुल से हो रहा था। जो अब काफी जर्जर हो चला था। इस वजह से ब्रिज पर से गुजरने वाली ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जाता था। इससे ट्रेनों की समय पालनता पर भी असर पड़ रहा था। इसी दिक्कत को देखते हुए रेलवे ने पुराने स्टील गॉर्डर के स्थान पर नए कंक्रीट वाले गॉर्डर लगाने का काम 26 फरवरी से शुरू किया, जो 28 तक चला। रेल प्रशासन का दावा है कि नये गॉर्डर पुराने गर्डरों की तुलना में ज्यादा मजबूत होंगे। इससे पुल के नीचे से गिरने वाली गंदगी भी सड़क पर नहीं गिरेगा।
पहले रेलवे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक सुबह 10.30 से शाम छह बजे तक का था, लेकिन बाद में इसे रात आठ बजे तक बढ़ा दिया गया। इस अवधि में गाड़ी संख्या 11061 पवन एक्सप्रेस, 12791 सिकंदराबाद-दानापुर, 15160 दुर्ग-छपरा, 11071 कामायनी, 18610 एलटीटी-रांची, 15118 जबलपुर-मंडुवाडीह, 15018 काशी एक्सप्रेस, 11056 गोदान एक्सप्रेस इलाहाबाद के आसपास वाले स्टेशनों पर रोक ली गई। इतना ही नहीं इलाहाबाद से मेरठ जाने वाली नौचंदी और मनकापुर जाने वाली सरयू एक्सप्रेस भी इस वजह से अपने निर्धारित समय से की बजाय चार घंटे की देरी से रवाना करने की तैयारी की गई।