रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इस बार इलाहाबाद पर अपनी नजरें इनायत की है। प्रभु ने इलाहाबाद को एक नहीं बल्कि तीन रेल फ्लाईओवर का तोहफा दिया है। तीनों फ्लाईओवर यमुनापार में बनेंगे। इसके निर्माण के बाद मुंबई, दक्षिण भारत एवं हावड़ा की ओर से आने वाली ट्रेनों की लेटलतीफी पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
दरअसल छिवकी और इलाहाबाद आने वाली बहुत सी ट्रेनें ऐसी हैं जो मुंबई रूट से आती है। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें हावड़ा की ओर जाती है, लेकिन मुगलसराय-इलाहाबाद रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकता की वजह से ये ट्रेनें रोक ली जाती हैं। ट्रैक खाली होने के बाद ही इन ट्रेनों का चलाया जाता है।
इससे इन ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ जाती है। ट्रेनों की लेटलतीफी का देखते हुए इस बार रेल बजट के पूर्व उत्तर मध्य रेलवे ने इलाहाबाद में तीन रेल फ्लाईओवर बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा था। रेलवे के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इलाहाबाद में इरादतगंज-कुंवाडीह में 20 किलोमीटर, नैनी-इरादतगंज के बीच 12 किलोमीटर लंबा रेल फ्लाईओवर बनेगा। इसके अलावा करछना से इरादतगंज के बीच भी रेल फ्लाईओवर निर्माण की मंजूरी रेल मंत्रालय ने दी है। एनसीआर जोन की बात करें तो यहां झांसी मंडल के ललितपुर-बिरारी, आगरा मंडल में मथुरा-मुरैशी रामपुर, इलाहाबाद मंडल में जीवनाथपुर, अलीगढ़ आदि स्थानों पर रेल फ्लाईओवर निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। इरादतगंज-कुंवाडीह रेल फ्लाईओवर की लागत 1838.95 करोड़, इरादतगंज-करछना की 563.11 करोड़, इरादतगंज-नैनी फ्लाईओवर की लागत 675.95 करोड़ रुपये अनुमानित है।