माघ मेला का अंतिम स्नान पर्व माघी पूर्णिमा सोमवार को है। ज्योतिषियों के अनुसार माघी पूर्णिमा पर मघा नक्षत्र और सोमवार का संयोग पूर्णिमा स्नान के पुण्य को कई गुना बढ़ा रहा है। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के महामंत्री अविनाश राय के अनुसार पूर्णिमा तिथि का संचरण रविवार रात 10:11 से आरंभ होकर सोमवार की रात 10:58 तक रहेगा। मघा नक्षत्र रविवार की सुबह 5:01 से लेकर सोमवार की रात तक रहेगा। मघा नक्षत्र, सोमवार का दिन स्नान के पुण्य को कई गुना अधिक बढ़ा रहा है। पुण्यकाल सूर्योदय से पूरे दिन रहेगा। माघी पूर्णिमा पर भगवान विष्णु का पूजन और हवन, पितरों की प्रसन्नता के लिए दान करने का विधान शास्त्रों में है।
जिन लोगों ने माघ मास में स्नान कल्पवास नहीं किया है, वह लोग तीन दिन यानी पूर्णिमा से दूज तक गंगातट पर रहकर स्नान दान पूजन कर सकते हैं। तीर्थ पुरोहित अनूप त्रिपाठी निशान पीली कोठी के मुताबिक त्रिजटा स्नान से पूरे माघ मास के स्नान का पुण्य मिलता है। खाक चौक के संत त्रिजटा स्नान के बाद ही संगम की रेती से विदाई लेंगे। महामंडलेश्वर कपिलदेवदास नागा के मुताबिक खाक चौक के त्यागी संत फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वितीया बुधवार को त्रिवेणी स्नान करने के बाद ही अपने स्थान के लिए प्रस्थान करेंगे।