अगर आप अपना कोई छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और इस राह में आर्थिक दिक्कतें आ रही हैं तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आपके लिए सहयोगी हो सकती है। हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए कोई सब्सिडी नहीं है लेकिन इसे गारंटीमुक्त रखा गया है। योजना के तहत लघु उद्यम के लिए 50 हजार तक का शिशु ऋण, 50 हजार से पांच लाख तक का किशोर ऋण जबकि पांच से दस लाख रुपये तक का तरुण ऋण देने की योजना है। इसमें लघु व्यवसाय, प्रोप्रराइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म से जुड़े लघु उद्यम शामिल हैं। लघु विनिर्माण इकाई के अंतर्गत दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता, खाद्य प्रसंस्करण जैसे कारोबार आते हैं।
इलाहाबाद के लीड बैंक मैनेजर अतीश चंद्र मिश्र के मुताबिक योजना में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थित गैर निगमित लघु व्यवसाय से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। इसमें लाखों प्रोप्रराइटरशिप, पार्टनरशिप फर्म हैं जो लघु निर्माण इकाइयों का संचालन कर रही हैं। दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, फैशन डिजाइनिंग सेंटर, बेकरी उद्योग सहित लघु उद्योग से जुड़े अन्य व्यवसाय शामिल हैं। कम लागत के उद्यमियों को यह ऋण अल्प वित्त संस्थाओं सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों जैसे पीएसयू बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों तथा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से दिया जाएगा।
बैंक की ओर से खुद का कारोबार करने के लिए तरुण श्रेणी के अंतर्गत पांच से 10 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। दरअसल व्यवसाय की प्रकृति को देखकर उद्यमी को ऋण स्वीकृत किया जाएगा। जैसे खाद्य प्रसंस्करण में डिप्लोमा करने वाले युवा अचार-मुरब्बा, जूस आदि तैयार करने का प्लांट लगा सकते है। इसी तरह जरी का काम करने वाले दस्तकार भी अपने काम को विस्तार दे सकते हैं। महिलाएं बुटीक खोलने के लिए ऋण ले सकती हैं। वहीं आरओ प्लांट इंस्टालेशन, शैक्षिक संस्था मुद्रा ऋण, बढ़ईगीरी आदि कारोबार भी शुरू किए जा सकते हैं।