संत रविदास का 654वीं जयंती सोमवार को मनाई गई। शहर के विभिन्न संगठनों की ओर कई आयोजन हुए। शोभायात्रा निकाली गई। संत रविदास के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया। जिला रविदास महासभा की ओर से सोहबतिया बाग स्थित रविदास मंदिर में हवन प्रवचन हुआ। उसके बाद शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर से संत रविदास की गद्दी, हाथी, घोड़ा ऊंट ध्वजा पताका ढोल ताशे के साथ श्रद्धालु भारद्वाज आश्रम पहुंचे। जहां शहर के विभिन्न मुहल्लों से निकाली शोभायात्रा और झांकियां मिल गई। उसके शोभायात्रा कर्नलगंज, कटरा चौराहा, कमला नेहरू रोड, सूरजकुंड, जानसेन गंज, चौक, घंटाघर बहादुर गंज, कोठापार्चा, बैरहना, संत रविदास मार्ग, मधवापुर महात्मा गांधी मार्ग होते हुए जीटी रोड चौराहे फोर्टरोड चौराहे से मुड़कर सोहबतिया बाग मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे रास्ते जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया गया। महासभा के अध्यक्ष किशन लाल रसिक की अगुवाई में निकाली गई शोभायात्रा में शिव कुमार लालन, कुलदीप कुमार भारतीय, सुब्रजीत कृष्ण निर्भय, मोतीलाल, बैजनाथ प्रसाद, संतोष कुमार, राकेश कुमार आदि शामिल रहे।
डा. अम्बेडकर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बक्शी बांध स्थित माता लोना समाधि स्थल पर संत सम्मेलन हुआ। वक्ताओं ने संत रविदास के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही। अध्यक्षता भंते कमल कीर्ति ने की। उन्ळोंने कहा रविदास के क्रांतिकारी वैचारिक अवधारणा, सांस्कृतिक चेतना और युग बोध के कारण आज भी प्रासंगिक हैं। डा. दीनानाथ दीन, पूर्व सूबेदार, आर.एल. विजेता, अधिवक्ता चंद्र बली सिंह पटेल, लालसाराम आदि ने विचार व्यक्त किया। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष अधिवक्ता रामवृक्ष गौतम ने किया। विहिप के अखिल भारतीय सामाजिक समरसता अभियान के कार्यकर्ताओं ने पवन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जयंती समारोह पूर्वक मनाई।
संत रविदास विचार मंच की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन से शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें नीरज सिंह, आवेश गौतम, पवन पासी, अवनीश राय आदि उपस्थित रहे। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, राजकीय छात्रावास आदि में संत रविदास जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।