इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के लापता शुभम केसरी व रवि पांडेय की मिर्जापुर में हत्या के बाद शव जलाने के मामले में दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही सीबीआई को मामले की जांच जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी व न्यायमूर्ति शमीम अहमद की खंडपीठ ने शिवम केशरी व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।
हाईकोर्ट ने वाराणसी की चौक कोतवाली जैतपुरा, पांडेपुर व अपराध शाखा के लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर छोड़ दी है। मामले में इसकेपहले ही एसआईटी व राज्य सरकार को 18 जनवरी 2021 को दर्ज केस की जांच पत्रावली सीबीआई को सुपुर्द करने का निर्देश जारी हो चुका है।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद हुई थी गिरफ्तारी
मामले के अनुसार याची ने 26 अक्तूबर व 31 दिसंबर 2020 को शुभम केसरी के लापता होने की शिकायत चौक थाना वाराणसी में की थी। मामले में सुनील निगम व गौरव निगम के नामजद होने के बावजूद पुलिस ने कोई विवेचना नहीं की तो याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। पांच जनवरी 2021 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी पुलिस ने जीडी में लापता रिपोर्ट दर्ज कर चुप्पी साधे रखी।
15 जनवरी को मिर्जापुर में दो लोगों की अधजली लाशें बरामद र्हुइं। जिनकी शिनाख्त लापता शुभव केसरी व रवि पांडेय के रूप में हुई। पहचान छिपाने के लिए हत्या कर लाशें जलायी गयीं थीं। इस पर कोर्ट ने एसएसपी वाराणसी को कड़ी फटकार लगाई तो 19 जनवरी को सुनील निगम की गिरफ्तारी की गई।
लापता केसरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई, लेकिन उसे किसके कब्जे से बरामद किया, यह नहीं बताया गया। इसके अलावा यह भी जानकारी नहीं दी गयी कि लापता होने की नामजद रिपोर्ट के बाद भी विवेचना क्यों नहीं की गई। मिर्जापुर पुलिस ने वाराणसी एसटीएफ को केस स्थानांतरित कर दिया था।