प्रयागराज। पंजीकृत वसीयत की वैधानिकता को तय करने का राजस्व न्यायालय को अधिकार है या नहीं, यह मामला अब हाईकोर्ट में तय होगा। कोर्ट ने इस मुद्दे पर सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 19 अगस्त को मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान कोर्ट ने राजस्व परिषद के वसीयत को वैध न मानने के आदेश पर रोक लगा दी है।
मेरठ के कृष्णपाल की याचिका पर न्यायमूर्ति जेजे मुनीर सुनवाई कर रहे हैं। याची की अधिवक्ता श्वेता सिंह और रितेश श्रीवास्तव का कहना है कि उप्र राजस्व संहिता की धारा 34 के अंतर्गत राजस्व परिषद को वसीयत की वैधता तय करने की अधिकारिता नहीं है। राजस्व परिषद ने 1973 के रिफरेंस को तय करते हुए 24 जून 19 के आदेश से वसीयत को वैध नहीं माना।ऐसा आदेश देने का परिषद को अधिकार नहीं है। याची के मामले में त्रिखा राम की वसीयत के आधार पर वरासत दर्ज कराने की अर्जी दी गई। जिसको लेकर 1973 के रिफरेंस पर परिषद ने वसीयत को वैध मानने से इंकार कर दिया। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।