प्रयागराज। हाईकोर्ट ने अधिगृहीत को मूल स्वामी से खरीदने वाले को अधिग्रहण का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अवार्ड लेने मूल भूस्वामी नहीं आया और अवार्ड में जमीन खरीदने वाले याची का नाम शामिल है। ऐसे में उसे मुआवजा पाने का हक है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने नूरपुर गांव गाजियाबाद के निवासी जय भगवान की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्र ने बहस की। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पक्ष में 17 फरवरी 17 को भूमि अधिगृहीत की गई। पंचाट कार्यवाही में याची भी शामिल हुआ। याची ने अधिगृहीत जमीन मूल स्वामी से खरीद ली थी। जब 16 मई 17 को अवार्ड जारी हुआ तो उसमें याची का भी नाम शामिल था। किंतु उसे मूल स्वामी न होने के कारण मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। फलस्वरूप किसी ने उस जमीन का मुआवजा नहीं लिया। कोर्ट ने याची को जमीन का मालिक होने के नाते मुआवजा देने का निर्देश दिया है।