इलाहाबाद हाईकोर्ट के 28 अपर न्यायाधीश जल्दी ही स्थायी न्यायमूर्ति पद की शपथ लेंगे। इनको स्थायी जज बनाने के लिए सुप्रीमकोर्ट कोलेजियम ने मंजूरी दे दी है। इस आशय की संस्तुति केंद्र सरकार से कर दी गई है। इनकी नियुक्ति 22 नवंबर 2018 को दो साल के लिए की गई थी।
स्थायी न्यायाधीश बनने वालों में न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया, न्यायमूर्ति आलोक माथुर, न्यायमूर्ति पंकज भाटिया, न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया, न्यायमूर्ति विवेक वर्मा, न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह, न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल, न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी, न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह, न्यायमूर्ति राजीव सिंह, न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान, न्यायमूर्ति करूणेश सिंह पवार, न्यायमूर्ति योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ,न्यायमूर्ति मनीष माथुर ,न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल, न्यायमूर्ति राम कृष्ण गौतम, न्यायमूर्ति उमेश कुमार, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति अनिल कुमार नवम, न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार चतुर्थ, न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान, न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति सुरेश कुमार गुप्ता, न्यायमूर्ति घंटीकोटा श्री देवी, न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जौहरी, न्यायमूर्ति राजवीर सिंह, एवं न्यायमूर्ति अजीत सिंह शामिल है।
इलाहाबाद हाइकोर्ट में वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर कुल 98 न्यायमूर्ति कार्यरत हैं। 28 अपर न्यायाधीशों के नियमित होने के बाद अब अपर न्यायाधीश 10 रह जाएंगे। जबकि नियमित जजों की संख्या 88 होगी। हाईकोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 160 है। इस लिहाज से 62 जजों की अब भी कमी है।