अपर शासकीय अधिवक्ता ने किया जमानत का विरोध
डीएम मऊ की रिपोर्ट के आधार पर यह सिद्ध हो चुका है कि याची के विधायक निधि से निकाले गए धन से स्कूल बनाया गया है। इसमें धन का दुरुपयोग नहीं किया गया है। मामले में जिन्होंने विधायक निधि से स्कूल बनवाया है, उनकी जमानत हो चुकी है और जिन्होंने विधायक निधि से बजट आवंटित किया है, उनके खिलाफ काई कार्रवाई नहीं की गई है। याची को जानबूझकर मामले में टारगेट किया गया और छह साल बाद मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसके विरोध में अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी और अपर शासकीय अधिवक्ता रतनेंदु सिंह ने जमानत का विरोध किया। कहा कि मामले में सह आरोपी और स्कूल का प्रबंधक आनंद यादव कई मामलों में याची के साथ आरोपी है। बिना मिलीभगत के धन दिया ही नहीं जा सकता है। स्कूल भी जिस भूमि पर बनाया जाना था उस पर बनाने की बजाय अन्यत्र बनाया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।