केवल राज्य सरकार दाखिल कर सकती थी अपील
हाईकोर्ट ने कहा कि याची के पक्ष में वैधानिक अधिकार 31 दिसंबर 2009 को सीआरपीसी की धारा 372 में संशोधन द्वारा प्रदान किया गया था और उस संशोधन से पहले केवल राज्य सरकार अपील दायर कर सकती थी। याची एक आपराधिक पुनर्विचार याचिका दायर करके निर्णय को चुनौती दे सकता था लेकिन याची की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई विशेष प्रावधान नहीं है कि धारा 372 सीआरपीसी का प्रावधान पूर्वव्यापी (पूर्व के मामलों में भी लागू होना) प्रकृति का है। इस प्रकार कोर्ट ने कहा अपील पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।