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पंचायत चुनाव में कोरोना से सरकारी कर्मियों की मौत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त

Wed, 28 Apr 2021 01:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • चुनाव आयोग से कहा, गाइडलाइंस के अनुपालन में विफलता पर क्यों न उसे दंडित किया जाए
  • सरकार को दिन में दो बार हेल्थ बुलेटिन जारी करने का आदेश
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से मरे सरकारी कर्मचारियों को लेकर राज्य चुनाव आयोग के क्रियाकलापों की कड़ी निंदा की है। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग व इसके 27 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा है कि बताएं कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करने में आयोग कैसे विफल रहा। कोर्ट ने कहा कि क्यों न उन्हें इसके लिए दंडित किया जाए।

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हाईकोर्ट ने कोरोना के यूपी में बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार को निर्देश दिया है कि वह दिन में दो बार हेल्थ बुलेटिन जारी करे। यह बुलेटिन प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों के संबंध में जारी किया जाय जो लखनऊ, प्रयागराज,  वाराणसी, आगरा, कानपुर नगर, गोरखपुर व झांसी में स्थित हैं। इससे लोगों को रोगियों के स्वास्थ्य की जानकारी मिल सकेगी। अस्पतालों को लार्ज स्क्रीन का प्रयोग करने को कहा गया है ताकि लोग रोगियों के बारे में जान सकें। कोर्ट ने कहा कि सरकार डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के मार्फत इस बात की जानकारी सुनिश्चित करे कि कितने बेड आईसीयू व कोविड वार्ड में सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध हैं।

यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा व जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कोरोना क्वारंटीन सेंटर को लेकर स्वत: संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि केवल एंटीजन की निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर किसी रोगी को अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जा सकती, क्योंकि रोगी अन्य कारणों से भी संक्रमित हो सकता है। उसे एक सप्ताह के लिए नान- कोविड वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। 
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लोगों को ऑक्सीजन न मिल पाना शर्म की बात
कोर्ट ने कहा कि कि सभी सरकारी व कोविड का इलाज कर रहे प्राइवेट अस्पतालों में रेमडेसिविर का इंजेक्शन व अन्य जरूरी दवाएं तथा ऑक्सीजन निर्बाध रूप से मिलती रहनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि कि यह शर्म की बात है कि आजादी के सात दशक के बाद भी हम लोगों को ऑक्सीजन नहीं दे पा रहे हैं। डॉक्टर व अन्य  मेडिकल स्टाफ की समुचित व्यवस्था करने का भी कोर्ट ने निर्देश दिया है।

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