जातीय वर्चस्व का सर्वे कर सुझाव दे सरकार
कोर्ट ने सरकार से प्रदेशभर में ऐसे सभी सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों और उन्हें संचालित करने वाली सोसाइटी के सर्वे का निर्देश दिया है जिन पर एक ही जाति के लोगों का प्रभुत्व है। साथ ही सुझाव भी मांगा है कि इन संस्थाओं के प्रबंधन में शिक्षाविदों, न्यायविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्योगपतियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, मान्यता प्राप्त पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को, जाति से परे, शामिल करने की व्यवस्था की जा सकती है या नहीं। कोर्ट ने इस कार्य में जिला विद्यालय निरीक्षक को स्थानीय थाना प्रभारी और तहसीलदार की सहायता लेने को कहा गया है, जबकि जिलाधिकारी और एसएसपी को सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सामाजिक विशेषज्ञों और शिक्षाविदों से आगे शोधपत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सामाजिक विज्ञान के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं से भी इस विषय पर अपने सुझाव और शोधपत्र उपलब्ध कराने को कहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसने अभी किसी मुद्दे पर अंतिम राय नहीं बनाई है। विशेषज्ञों से प्राप्त सामग्री केवल न्यायिक सहायता के लिए होगी।