खंडपीठ ने कहा कि याची का भाई 31 मार्च 2025 से लापता है, जिसके अपहरण की आशंका की एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस न्यायालय में चार जून को सुनवाई हुई तो सात जून को अपहृत की तलाश के लिए पुलिस जांच दल गठित किया गया। लेकिन, आज तक पुलिस जांच दल ने कोई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी निवासी नितेश कुमार के अपहृत भाई का पता लगाने में पुलिस टीम के नाकाम रहने पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से हलफनामा मांगा है। अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने दिया।
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खंडपीठ ने कहा कि याची का भाई 31 मार्च 2025 से लापता है, जिसके अपहरण की आशंका की एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस न्यायालय में चार जून को सुनवाई हुई तो सात जून को अपहृत की तलाश के लिए पुलिस जांच दल गठित किया गया। लेकिन, आज तक पुलिस जांच दल ने कोई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
चार जुलाई को इसी मामले में न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व अनिल कुमार (दशम) की खंडपीठ ने अपहरण से जुड़े मामलों में पुलिस की उदासीनता पर चिंता व्यक्त की थी। कहा था कि समय पर पता न लगने के कारण यदि अपहृत व्यक्ति की हत्या हो जाती है तो प्रथम दृष्टया उस पुलिस विभाग के प्रमुख पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, जिसके अधिकार क्षेत्र में अपहरण की रिपोर्ट की गई थी। वाराणसी के पुलिस आयुक्त व अन्य पुलिस अफसरों से हलफनामा मांगा गया था।