चित्रकूट के थाना कर्वी कोतवाली, पहाड़ी राजापुर रोड बनवारीपुर मोड़ निवासी महेंद्र प्रताप ने कुसुम मिश्रा पर नौकरी दिलाने के नाम घूस लेने का आरोप लगाया था। शिकायत की थी कि बेटे को निचली अदालत में नौकरी दिलाने के लिए उसने 10 लाख रुपये दिए थे।
निचली अदालत में नौकरी दिलाने के लिए एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में हाईकोर्ट की सेक्शन अफसर कुसुम मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया है।
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जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर की गई। इसके अलावा उनको भविष्य में भी सेवा के लिए अयोग्य करार दिया गया है।
चित्रकूट के थाना कर्वी कोतवाली, पहाड़ी राजापुर रोड बनवारीपुर मोड़ निवासी महेंद्र प्रताप ने कुसुम मिश्रा पर नौकरी दिलाने के नाम घूस लेने का आरोप लगाया था। शिकायत की थी कि बेटे को निचली अदालत में नौकरी दिलाने के लिए उसने 10 लाख रुपये दिए थे।
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शिकायत के बाद मामले में जांच की गई तो आरोप सही पाया गया। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर सेक्शन अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया,साथ ही भविष्य में सेवा के लिए अयोग्य माना गया।