हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश का पालन न करने की दशा में वह 31 मई को कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने आदेश की प्रति प्रमुख सचिव पंचायत को भेजने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने तारा देवी व आठ अन्य की याचिका पर दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य अधिकारी कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए बाध्य हैं। साथ ही कानून के अनुसार आचरण भी उनके ऊपर बाध्यकारी है। कोर्ट ने कहा कि जानकारी देने के तीन मौके दिए गए फिर भी दायित्व पूरा नहीं किया गया और फिर से सरकारी वकील ने समय मांगा। कोर्ट ने जिला पंचायत राज अधिकारी जौनपुर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर सफाई देने का निर्देश दिया है। पूछा है कि उनके द्वारा जानकारी देने में देरी क्यों की जा रही है।
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कहा कि आदेश का पालन न करने की दशा में वह 31 मई को कोर्ट में हाजिर हों। कोर्ट ने आदेश की प्रति प्रमुख सचिव पंचायत को भेजने का भी आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने तारा देवी व आठ अन्य की याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने कहा कि फरवरी 2022 से याचिका विचाराधीन है। सरकार से जानकारी मांगी गई कि पिछले एक साल से ग्राम पंचायत की हर माह बैठक क्यों नहीं हो रही है। तीन बार समय मांगा गया फिर भी जानकारी नहीं मिल सकी। इसके लिए फिर से समय मांगा गया है। अधिकारियों के ऐसे आचरण की प्रशंसा नहीं की जा सकती।