यूपी समेत पूरे देश में कोरोना का तांडव है। बढ़ते मामलों ने चारों तरफ कोहराम मचा दिया है। यूपी के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन लगाया गया है। इसके बावजूद रिकॉर्ड तोड़ मामले सामने आ रहे हैं।
इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत 26 अप्रैल से केवल अतिआवश्यक मामलों की ही सुनवाई करेगी। कोर्ट में सिर्फ वर्चुअली तरीके से सुनवाई होगी, वो भी जरूरी मामलों की। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह फैसला लिया है।
वहीं दूसरी तरफ हाईकोर्ट ने पांच शहरों में तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यही एक मात्र विकल्प है। नहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
रविवार को 2416 नए संक्रमित मिले
वहीं, जिले में रविवार को 2416 नए संक्रमित मिले और 14 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, राहत वाली बात यह भी रही कि संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या एक दिन पहले के मुकाबले रविवार को महज 20 ज्यादा रही। शनिवार को 2436 मरीज मिले थे। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय के मुताबिक रविवार को कुल 1201 लोग संक्रमण मुक्त हुए।
दो सौ से अधिक लोगों को बेड की जरूरत
डॉ. सहाय ने बताया कि रविवार को कुल 9120 लोगों की कोरोना की जांच कराई गई, जिसमें 2416 लोग संक्रमित मिले। इनमें से अधिकतर लोग होम आइसोलेशन में हैं। दो सौ से अधिक लोगों को बेड की जरूरत है। अस्पतालों में जगह न होने से सभी को वेटिंग में रखा गया है। बेड खाली होने के बाद स्वास्थ्य विभाग मरीजों को भर्ती कराने को कह रहा है। उधर, कोरोना के बढ़ते मरीजों की वजह से एसआरएन, बेली, रेलवे, यूनाईटेड सहित कई अस्पतालों में बेड खाली नहीं हैं।
अस्पतालों के बाहर एंबुलेंसों में घंटों पड़े कराह रहे मरीज
मरीज बेड का इंतजार कर रहे हैं। कुछ मरीज अस्पतालों के बाहर एंबुलेंसों में भी घंटों पड़े कराह रहे हैं। जब अस्पतालों में बेड की व्यवस्था हो रही है तब वे अंदर जा पा रहे हैं। एसआरएन, बेली दोनों अस्पतालों में वेटिंग की हालत बनी हुई है। रविवार को यहां से 56 मरीजों की छुट्टी भी की गई। इसके अलावा 1145 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया।