एक महीने की सुरक्षा
अगर शादीशुदा जोड़ा इच्छा जताता है तो उन्हें न्यूनतम दर पर एक महीने के लिए सेफ हाउस दिया जाएगा। अगर जान का खतरा ज्यादा है तो इस अवधि को एक साल तक बढ़ाया जा सकता है।
मैरिज रजिस्ट्रेशन में मदद
यदि जोड़ा बालिग है पर शादी नहीं हुई है तो पुलिस और मजिस्ट्रेट को उनकी शादी के पंजीकरण में सहयोग करना होगा।
कोर्ट के निर्देश
कोर्ट ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक इन शिकायतों पर अत्यधिक संवेदनशीलता बरतें। शिकायत के एक हफ्ते के भीतर उन्हें जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी। अंतर्जातीय और अंतरधार्मिक विवाह करने वालों को विशेष प्राथमिकता दी जाए।
कोर्ट की दो टूक...शादी की वैधता पर नहीं है यह आदेश
कोर्ट ने अपने यह भी साफ कर दिया कि यह आदेश केवल जीवन की सुरक्षा के लिए है। इसका मतलब यह कतई नहीं है कि कोर्ट ने उनकी शादी को कानूनी तौर पर वैध मान लिया है। यदि किसी पक्ष पर अपहरण या किसी अन्य अपराध का आरोप है तो पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।