इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजमगढ़ के गैंगस्टर राजेंद्र यादव की पत्नी मीना देवी को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कहा है कि जब पत्नी के पास आय का स्रोत नहीं है तो वह संपत्ति कैसे खरीद सकती है। याची के पास ऐसा कोई ठोस तथ्य या रिकॉर्ड नहीं है कि कुर्क संपत्ति किसी अपराध के परिणामस्वरूप अर्जित नहीं की गई थी।
न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने मामले में डीएम आजमगढ़ की कार्रवाई को सही मानते हुए विशेष न्यायालय गैंगस्टर के आदेश को सही माना और मीना देवी की अपील को खारिज कर दिया।
याची ने आजमगढ़ के विशेष न्यायालय गैंगस्टर के आदेश को चुनौती दी थी। विशेष न्यायालय ने याची की अपील को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उसके पास आय का कोई जरिया नहीं है। लिहाजा, पति की ओर से ही उसके नाम संपत्ति लिखाई गई है।
याची ने उसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले में डीएम आजमगढ़ ने गैंगस्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी/याची की दो संपत्तियों को भी संलग्न कर दिया था। याची ने डीएम की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई, लेकिन डीएम ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद याची ने विशेष सत्र न्यायाधीश गैंगस्टर आजमगढ़ के समक्ष गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी उसे झटका लगा।
याची ने गैंगस्टर कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची की ओर से कहा गया कि उसने अपनी मेहनत की कमाई से दोनों संपत्ति खरीदी है। विरोधी पक्ष के अधिवक्ता नितेश कुमार श्रीवास्तव ने इसका विरोध किया। कहा, याची के पास पति के अलावा आय का कोई स्रोत नहीं है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा, याची की जो संपत्तियां कुर्क की गईं, वह याची के पति गैंगस्टर राजेंद्र यादव की ओर से अपनी पत्नी के नाम पर लिखाई गईं थीं। डीएम आजमगढ़ को तथ्यों और रिकॉर्डों को देखते हुए यह विश्वास हो गया कि संपत्ति गैंगस्टर याची के पति राजेंद्र यादव की ओर से विचारणीय किसी भी अपराध के परिणामस्वरूप अर्जित की गई थी।