इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरजातीय विवाह करने वाली लड़की पर कथित रूप से हमला करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच केआदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने एसएसपी वाराणसी से कहा है कि वह मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें।
यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने कविता गुप्ता की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रक्षक कहे जाने वाले पुलिस कर्मी इस मामले में हमलावर हो गए। पुलिस की यह हरकत अस्वीकार्य है।
याचिका में लड़की केपति ने आरोप लगाया है कि लड़की अपने भाइयों की अवैध हिरासत में है। दोनों 29 अप्रैल को कोर्ट में उपस्थित हुए। लड़की ने बताया कि वह बीएचयू की पीजी की छात्रा है। महेश कुमार विश्वकर्मा से प्रेम होने के बाद दोनों ने 30 अप्रैल 2021 को शादी कर ली। लड़की ने बताया कि उसके भाई इस शादी के खिलाफ हैं। हालांकि, कोर्ट में भाइयों ने आरोपों से इनकार किया।
याची की ओर से कहा गया कि 26 अप्रैल 2021 को उनके साथ पुलिस चौकी खजुरी थाना मिर्जा मुराद थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने बेरहमी से मारपीट की थी, उनके साथ दो महिला आरक्षी भी थीं। न्यायालय ने एसएसपी वाराणसी को जांच का आदेश देते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ 10 दिनों के अंदर कार्रवाई का आदेश दिया।
कोर्ट ने लड़की के भाइयों से कहा कि वे अपनी बहन के साथ सभी संबंध तोड़ लें और उसे परेशान या बुरा व्यवहार न करें। क्योंकि, उसने अपनी पसंद के लड़के से शादी कर ली है। कोर्ट ने एसएसपी वाराणसी और थाना प्रभारी राजा तालाब को लड़की और उसकेपरिवार को सुरक्षा का निर्देश दिया।