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UP: जो बाप के भरोसे वह कैसे करेगा प्रेमिका की देखभाल, कोर्ट ने नहीं दी नाबालिग संग लिव इन रिलेशनशिप की इजाजत

Fri, 27 Oct 2023 01:08 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग प्रेमिका और नाबालिग प्रेमी की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने नाबालिग संग लिव इन रिलेशनशिप की इजाजत नहीं दी। हाईकोर्ट ने कहा कि जो खुद पिता के भरोसे है, वो प्रेमिका की देखभाल कैसे करेगा।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बालिग प्रेमिका को नाबालिग संग लिव इन रिलेशनशिप की इजाजत देने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा जो लड़का खुद अपने पिता पर निर्भर है, वह प्रेमिका की देखभाल नहीं कर सकता।
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यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति मो. अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने गाजीपुर की रहने वाली बालिग प्रेमिका अंचल राजभर और आजमगढ़ निवासी उसके नाबालिग साथी की ओर से अपहरण की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए दिया।

मामला गाजीपुर के बहरियाबाद क्षेत्र का है। याची प्रेमिका के पिता हरिराम राजभर ने बेटी के नाबालिग प्रेमी के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। याची प्रेमिका और उसके साथी ने संयुक्त रूप से याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। 
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दलील दी गई कि दोनों काफी समय से अपनी मर्जी से साथ रह रहे हैं। इसलिए नाबालिग प्रेमी के खिलाफ एफआईआर रद्द की जानी चाहिए। दोनों याची एक-दूसरे के साथ खुश हैं। अपनी जिंदगी साथ जीना चाहते हैं। उन्हें साथ रहने की इजाजत और सुरक्षा भी दी जानी चाहिए।
 
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कोर्ट ने याचियों द्वारा दाखिल दस्तावेजों में पाया कि प्रेमिका बालिग है लेकिन प्रेमी नाबालिग है। आश्चर्य जाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि एक नाबालिग प्रेमी अपनी प्रेमिका की जिम्मेदारी कैसे निभा सकता है जो खुद पिता के सहारे जिंदगी जी रहा है। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए एफआईआर रद्द करने और याचियों को लिव इन रिलेशनशिप ने रहने की इजाजत देने से इन्कार कर दिया।
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