इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की जन्मतिथि को लेकर उत्पन्न विवाद पर सुनवाई न करना अनुचित है। सेवा के अंतिम पड़ाव में जन्मतिथि सुधार की मांग में दाखिल याचिका सुनने से इंकार कर न्याय के दरवाजे बंद नही किए जा सकते हैं।
याची 25 जनवरी 87 को बेलदार पद पर नियुक्त हुआ था।
नवंबर 2011 में उसकी सेवा नियमित कर दी गई। इसी समय सेवा पंजिका में जन्मतिथि दर्ज की गई। याची का कहना है कि उसकी जन्मतिथि 19 जनवरी 65 है। गलती से सेवा पुस्तिका में 19 जनवरी 60 दर्ज है। जन्मतिथि सुधार की मांग में याचिका दायर की गई है।