फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

allahabad High Court : जस्टिस राजेश बिंदल होंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट के नए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

Sat, 18 Sep 2021 06:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने वाले जस्टिस राजेश बिंदल का जन्म 16 अप्रैल 1961 को हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से 1985 में एलएलबी करने के बाद वह सितंबर 1985 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपना करियर शुरू किया।
विज्ञापन
Prayagraj News : जस्टिस राजेश जिंदल। फाइल फोटो - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जस्टिस राजेश बिंदल इलाहाबाद हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हो सकते हैं। इनका नाम लगभग फाइनल हो गया है। अभी तक जस्टिस मुनीश्वरनाथ भंडारी कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। वह 26 जून से इस पद पर कार्य कर रहे हैं। कलकाता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से पहले जस्टिस राजेश बिंदल जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। 

विज्ञापन


इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त होने वाले जस्टिस राजेश बिंदल का जन्म 16 अप्रैल 1961 को हरियाणा के अंबाला शहर में हुआ। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से 1985 में एलएलबी करने के बाद वह सितंबर 1985 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने 2004 से एक दशक से ज्यादा समय तक केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के समक्ष चंडीगढ़ प्रशासन का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने पंजाब और हरियाणा में लगभग 80 हजार मामलों का निस्तारण किया। जस्टिस बिंदल उच्च न्यायालय के समक्ष कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के मामले में पंजाब और हरियाणा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने के साथ 1992 में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में शामिल हुए। उन्होंने सतलुज-यमुना जल से संबंधित विवाद के निपटारे में पंजाब राज्य के साथ एराडी ट्रिब्यूनल के समक्ष और सर्वोच्च न्यायालय में हरियाणा का पक्ष रखा। हाईकोर्ट में उच्च न्यायालय के समक्ष आयकर विभाग हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया।

विज्ञापन

उन्हेंं 22 मार्च 2006 को पंजाब और हरियाणा के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। वह 2016 में मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के लिए मसौदा नियम तैयार करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष रहे। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय बाल अपहरण विधेयक 2016 के नागरिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए उन्होंने सिफारिशों और मसौदे के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पंजाब और हरियाणा में लगभग 80 हजार मामलों का निस्तारण किया। जम्मू-कश्मीर के उच्च न्यायालय आने से पहले वह कंप्यूटर समिति, एरियर्स समिति सहित अन्य कई समितियों का नेतृत्व कर रहे थे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें