कोर्ट ने याची के पिता प्रमोद निवासी नगला बलुआ के टेनहरसा, फिरोजाबाद को नोटिस जारी किया है। याचिका की सुनवाई आठ सितंबर को होगी। याचियों का कहना है कि दोनों बालिग हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाले प्रेमी जोड़े के शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में पुलिस या किसी को भी हस्तक्षेप करने तथा याचियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद व एसएचओ शिकोहाबाद को निर्देश दिया है कि उन्हें कोई भी किसी भी माध्यम से धमकी न दें। यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने पूनम व अन्य की याचिका पर दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने याची के पिता प्रमोद निवासी नगला बलुआ के टेनहरसा, फिरोजाबाद को नोटिस जारी किया है। याचिका की सुनवाई आठ सितंबर को होगी। याचियों का कहना है कि दोनों बालिग हैं। 27 मई 22 को गणेश मंदिर मुंबई में दोनों ने शादी की। ऑनलाइन पंजीकरण का आवेदन दिया। किंतु परिवार की इज्जत के नाम पर पिता से मिलकर पुलिस धमका रही है और कहा रही कि गिरफ्तार कर पिता को सौंप देगी। जिसपर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली।