फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्रकूट सामूहिक दुष्कर्म हत्याकांड : डीजी सीबीसीआईडी से हाईकोर्ट ने पूछा- जांच के दौरान क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी

Thu, 20 Jan 2022 05:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा तो डीजी ने निवेदन किया कि उन्हें एक मौका दिया जाए। वह खुद मामले के आईओ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस पर कोर्ट ने आईओ पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया और आगे की सुनवाई के दौरान डीजी की उपस्थिति को समाप्त कर दिया।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चित्रकूट सामूहिक दुष्कर्म हत्याकांड के मामले में महानिदेशक (डीजी) सीबीसीआईडी बृहस्पतिवार को कोर्ट के समक्ष पेश हुए। कोर्ट ने डीजी से कई सवाल पूछे। कहा कि जब तलब किया गया तो गिरफ्तारी की गई। जांच के दौरान क्यों नहीं हुई?

 

 

कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा तो डीजी ने निवेदन किया कि उन्हें एक मौका दिया जाए। वह खुद मामले के आईओ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इस पर कोर्ट ने आईओ पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया और आगे की सुनवाई के दौरान डीजी की उपस्थिति को समाप्त कर दिया।

विज्ञापन



डीजी सीबीसीआईडी कोर्ट के समक्ष वर्चुअली कनेक्ट हुए थे। कोर्ट ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया। कहा कि तलब करने के बाद तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने अपने जांच के दौरान मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। 10 महीने बीतने के बाद कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। कोर्ट ने मामले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।


इस पर डीजी महानिदेशक ने कोर्ट से पुलिस की कार्रवाई में हुई लापरवाही पर माफी मांगी और कोर्ट से एक मौका दिए जाने का निवेदन किया। जिससे कि वह कार्रवाई कर सकें। इस पर कोर्ट ने आईओ पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए अगली सुनवाई के दौरान डीजी की उपस्थिति को समाप्त कर दिया।
विज्ञापन



कहा कि मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट कोर्ट को प्रस्तुत करते रहें। मामले में कोर्ट ने डीजी को 18 जनवरी को भी तलब किया था लेकिन कनेक्टिीविटी न होने से वह उपस्थित नहीं हो सके थे। इसलिए कोर्ट ने 20 जनवरी की तिथि निर्धारित की थी। 

विज्ञापन

चित्रकूट जिले के बहिलपुरवां थाना क्षेत्र का है मामला

मामला चित्रकूट जिले के बहिलपुर थाना क्षेत्र का है। यहां की 17 साल की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक कर उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतका के पिता ने मामले में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग की थी। याचिका में कहा था कि घटना 22/23 अगस्त 2020 की रात की है।
 

उसकी नाबालिग लड़की की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया गया था, ताकि आत्महत्या का रूप दिया जा सके। याची के प्रार्थनापत्र को तत्कालीन थानाध्यक्ष बहिलपुरवा जयशंकर सिंह ने फाड़कर फेंक दिया था। इसके बाद दबाव डालकर दूसरा प्रार्थना पत्र लिखवाया।
 

इसके बाद पंकज पांडेय ने थाने का चार्ज लिया। इन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता के पिता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मामले में गंभीरता को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने (पॉक्सो एक्ट) चित्रकूट ने 12 अक्तूबर 2020 को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद सोनू, लवकुश, लालमन सहित तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें