कोर्ट ने कहा है कि बीएचयू के कुलपति भौतिक रसायन विभाग विभाग के दो वरिष्ठ प्रोफेसरों की कमेटी गठित कर इसके सही और गलत का पता लगाएंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय केअधिवक्ता की के जरिए एक महीने में कोर्ट को मुहैया कराएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च शिक्षा सेवा आयोग की ओर से आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रसायन विज्ञान में पूछे गए छह सवालों को चुनौती देने वाली याचिका पर दो विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर जांच का निर्देश दिया है।
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कोर्ट ने कहा है कि बीएचयू के कुलपति भौतिक रसायन विभाग विभाग के दो वरिष्ठ प्रोफेसरों की कमेटी गठित कर इसके सही और गलत का पता लगाएंगे। कमेटी अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय केअधिवक्ता की के जरिए एक महीने में कोर्ट को मुहैया कराएगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने सुभाष चंद्र श्रीवास्तव व 10 अन्य की याचिका पर दिया है।
मामले में याचियों की ओर से उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती रसायन विज्ञान की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को चुनौती दी गई है। याचियों की ओर से कहा गया है कि परीक्षा के बुकलेट सीरियल नंबर ए में प्रश्न संख्या 38, 41, 44, 45, 82 और 84 को गलत बताया गया है। याचियों की ओर से मांग की गई है कि ये प्रश्न गलत है।
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क्योंकि, इन प्रश्नों को सही बताने वाली कोई सामग्री नहीं है। लिहाजा, इन प्रश्नों को गलत मानते हुए संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाए। इसके साथ ही याचियाें को छह अंक भी प्रदान किए जाएं। इस पर कोर्ट ने दो विशेषज्ञों के पैनल से इसकी जांच कराने का निर्देश दिया है। कहा कि भर्ती में 11 पदों को खाली रखा जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए सात जुलाई की तिथि तय की है।