इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी से ध्वस्तीकरण मामले में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और कहा है आदेश का पालन न करने के दशा में जरूरी पत्रावली के साथ 17 नवंबर को हाजिर हों।
कोर्ट ने कहा कि तीन बार जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया किन्तु हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने सुदेश कुमार सिंह की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि बुलंदशहर की तहसील सिकंदराबाद के झांझर गांव में डाटा संख्या 650रकबा 888.35वर्गमीटर में याची का पुस्तैनी मकान है। बिना किसी पूर्व नोटिस व कानूनी प्रक्रिया अपनाये मकान की बाउंड्री वाल वह गेट प्राधिकरण द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। जिसके चुनौती दी गई है।