प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के एसीएम विनोद कुमार जोशी की अग्रिम जमानत मंजूर करते हुए उनको मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने याची को विवेचना में हाजिर होने तथा बिना अनुमति देश न छोड़ने और अपराध न दोहराने जैसी कुछ शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है। शर्तोें का उल्लंघन करने पर अग्रिम जमानत निरस्त हो सकती है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने विनोद कुमार जोशी की अर्जी पर दिया है। अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने याची का पक्ष रखा। मामले के अनुसार याची ने नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए नरेंद्र कुमार को निवास प्रमाणपत्र जारी किया, जिसमें गलत पता दिया गया था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई। नरेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। याची के खिलाफ भी बुलंदशहर के खुर्जा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। याची का कहना था कि उसने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किया है। इसके अलावा अन्य कोई अपराध का आरोप नही है। कोर्ट ने सशर्त अग्रिम जमानत दे दी है।