वकीलों का कहना था कि मुकदमों की सुनवाई में विलंब, केसों का लिस्ट पर न आना, जजों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति न होना आदि ऐसी समस्याएं हैं, जिसका निदान जरूरी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील शुक्रवार को तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। यह निर्णय बृहस्पतिवार को बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि दो दिनों की तरह शुक्रवार को तीसरे दिन भी न्यायिक कार्य से विरत रहा जाएगा। बार एसोसिएशन की बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने किया।
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वकीलों का कहना था कि मुकदमों की सुनवाई में विलंब, केसों का लिस्ट पर न आना, जजों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति न होना आदि ऐसी समस्याएं हैं, जिसका निदान जरूरी है। कहा गया की चीफ जस्टिस ने कई बार आश्वासन दिया कि मुकदमा को लिस्ट पर जल्दी छपने व केसों की जल्दी सुनवाई होने की समस्या का शीघ्र निदान कर लिया जाएगा।
अधिवक्ताओं का कहना था चीफ जस्टिस के आश्वासन के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों पड़ी हुई है। मुकदमें दाखिल होने के बाद भी कोर्ट में सुनवाई के लिए नहीं आ पा रहे हैं। बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर कहा है कि जब तक एक निश्चित समय सीमा अवधि में उनके सभी समस्याओं के निदान का आश्वासन चीफ जस्टिस की तरफ से नहीं मिलता तब तक उनका कोर्ट में कार्य बहिष्कार का निर्णय जारी रहेगा।
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अधिवक्ताओं ने इसकेपूर्व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन केपदाधिकारियों की बैठक मुख्य न्यायमूर्ति की अगुवाई में हुई लेकिन उसमें बात नहीं बनी। इसके बाद बार के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें शुक्रवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। संचालन महासचिव एसडी सिंह जादौन ने किया। बार एसोसिएशन की सभा में हाई कोर्ट बार के कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे।