इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की केवल बाह्य जांच यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है कि उसने शराब पी रखी थी। इस टिप्पणी के साथ ही न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की दो सदस्यीय पीठ ने कांस्टेबल को सेवा में बहाल करने का आदेश सुनाया है।
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अदालत पुलिस कांस्टेबल जयमंगल राम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। उसे ड्यूटी के दौरान नशे में होने और अनुचित व्यवहार के लिए बर्खास्त किया गया था। साथ ही अदालत ने कहा कि व्यक्ति में नशे की पुष्टि के लिए खून और मूत्र जांच पर बल दिया।