पूर्वोत्तर रेलवे के रामबाग रेलवे स्टेशन पर लगी लिफ्ट शोपीस बन चुकी है।
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महाकुंभ मेले के पहले प्रयागराज रामबाग स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह से बदली गई पर यहां तमाम समस्याएं अब भी बरकरार हैं। लिफ्ट सजावट की वस्तु बनकर रह गई है। स्टेशन के फुट ओवरब्रिज पर चढ़ने के लिए सभी प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट तो लगाई गई हैं, लेकिन ये अक्सर बंद रहती हैं। बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को भारी सामान लेकर सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा। जिस कायाकल्प का शोर मचा था, उसकी हकीकत यह है कि नवनिर्मित फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियों पर लगे ग्रेनाइट पत्थर टूटने लगे हैं। मलाकराज साइड स्थित प्लेटफॉर्म-सात पर बाउंड्री नहीं बन सकी। यहां शेड लगाकर घेरा किया गया है।
इसी तरह रामबाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म-4 की बात करें तो यहां शेड का नामोनिशान नहीं है। इससे यात्री खुले आसमान के नीचे खड़े होने के लिए मजबूर रहते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल माघ मेले में ही होता है। इतना ही नहीं, इस प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बहुत कम है। वहीं, प्लेटफॉर्म-7 की बात करें तो इसका भी अधिकांश हिस्सा खुला है। दैनिक यात्री मनोज पांडेय का कहना है कि स्टेशन पर लिफ्ट और अन्य आधुनिक सुविधाएं केवल कागजों पर ही दुरुस्त हैं।