तो दहाई अंक में निपट जाएगी भाजपा
भाजपा अगर केवल चुनाव का गणित समझती है तो सुन ले कि PCS/RO/ARO/LOWER SUBORDINATE जैसी अन्य प्रतियोगी छात्रों और उनके परिवार के लोगों को मिला लिया जाए तो ये संख्या लगभग एक करोड़ होती है। अगर इस ‘महा-संख्या’ को लगभग 400 विधानसभा सीटों से भाग दें तो भाजपा के लगभग 25000 वोट हर विधानसभा सीट पर कम होंगे, मतलब भाजपा दहाई के अंक में सिमट जाएगी।
उम्मीद है, इस गणित को ही समझ कर आज ही भाजपा की हृदयहीन सरकार अत्याचार बंद करेगी और आंदोलनकारी युवाओं की लोकतांत्रिक जायज मांग को पूरा करेगी। भाजपा की एक आदत पड़ गई है, जनाक्रोश से डरकर आख़िरकार बात तो वो मानने पर मजबूर होती है, लेकिन तभी जब उसके सारे हिंसक तरीक़े नाकाम हो जाते हैं और जब उसकी नौकरी विरोधी नकारात्मक राजनीति पूरी तरह फ़ेल हो जाती है। भाजपा हमेशा के लिए ख़त्म होनेवाली है। अभ्यर्थी कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
सपा सरकार की योजनाएं बंद, या खराब कर दिया
अखिलेश यादव बोले कि योजनाएं हम लोग चला रहे थे। इन योजनाओं को भी इन्होंने बंद कर दिया। या बिल्कुल खराब कर दिया। हम लोगों ने 100 नंबर वाली व्यवस्था देखी। जैसे हमारी पुलिस गांव में जाकर के मदद गरीबों की करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यह सरकार गरीबों की नहीं है। यह सरकार बड़े लोगों की है। उद्योग लगाने वालों की भी नहीं है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने योगी बनाम प्रतियोगी का माहौल बना दिया है। पहले पुलिस चोर को पकड़ती थी, अब पुलिस पुलिस को ही पकड़ रही है। वाराणसी की घटना ने सब को झकझोर कर दिया है। प्रयागराज की भी दो बड़ी घटनाओं की फाइल खोल दी जाए तो अधिकारियों और नेताओं की पोल खुल जाएगी। डबल इंजन की सरकार आपस में टकरा रही है। यूपी में अभी तक स्थाई डीजीपी ही नहीं बना पाए हैं।