प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव का मानना है कि राज्यपाल राम नाईक और यूपी
सरकार के रिश्ते बेहद अच्छे और मजबूत हैं। यह टिप्पणी सीएम ने राज्यपाल के
उस बयान पर की है, जिसमें उन्होंने सीएम अखिलेश यादव और सपा मुखिया मुलायम
सिंह यादव को नगर विकास मंत्री आजम खां पर कार्रवाई करने की सलाह दी थी।
सीएम बुधवार को यहां हुनमानगंज के जुनैदपुर गांव में आयोजित हंडिया विधायक
प्रशांत सिंह के तिलकोत्सव में शामिल होने आए थे। समारोह के बाद वह प्रदेश
के पूर्व महाधिवक्ता एसएमए काजमी के निधन पर उनके लूकरगंज स्थित आवास पर
शोक संवेदना व्यक्त करने भी पहुंचे।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के 75
वें जन्मदिन पर रामपुर में हुए भव्य समारोह और उसके बाद कैबिनेट मंत्री आजम
खां के बयान पर सियासी तूफान खड़ा हो गया था। तीन दिन पहले प्रदेश के
राज्यपाल राम नाईक इलाहाबाद आए तो उन्होंने सीएम अखिलेश और सपा मुखिया
मुलायम सिंह यादव को कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की सलाह दे डाली।
बुधवार को सीएम जब इलाहाबाद पहुंचे तो संवाददाताओं के सवाल पर गोलमोल जवाब
देते हुए बोले कि राज्यपाल से उनके और उनकी सरकार के रिश्ते बेहद अच्छे और
मजबूत हैं। कुछ दिनों पहले ही राज्यपाल ने सार्वजनिक मंच से प्रदेश सरकार
कार्यों की जमकर तारीफ की थी। ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि उन्होंने ऐसा
कहा होगा। सिर्फ मीडिया के माध्यम से आई खबरों के आधार पर टिप्पणी करना
उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही अच्छे नंबरों से
पास होने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप का वितरण फिर शुरू करेगी। सरकार की
उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि समग्र लोहिया ग्रामों में आवास निर्माण के
लिए प्रदेश सरकार तीन लाख रुपये दे रही है। इसके कई साल पहले से केंद्र
सरकार की इंदिरा आवास योजना चल रही है लेकिन ग्रामीणों को इसका खास लाभ
नहीं मिला। 102/108 एंबुलेंस सेवा के साथ ही प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में
सीटें भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा चिकित्सक तैयार किए जा सकें।
गरीबों को मुफ्त दवा और गंभीर बीमारी में सरकारी मदद प्रदान की जा रही है।
आगरा से दिल्ली तक छह और आठ लेन की सड़क तैयार की जा रही है। इससे व्यापार
को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहर और देहात को भी जोड़ा जा सकेगा।