फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश की चली तो चार सीटों पर बदल जाएंगे प्रत्याशी

Mon, 02 Jan 2017 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
अतीक अपने काफिले संग (फाइल फोटो)
विज्ञापन
इलाहाबाद की 12 में से चार विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी का बदला जाना तकरीबन तय माना जा रहा है। यह सीटें हैं शहर उत्तरी, शहर पश्चिमी, मेजा और हंडिया विधानसभा की। शिवपाल यादव की सूची में मेजा और हंडिया से मौजूदा विधायकों का टिकट काट दिया गया था, जबकि अखिलेश कतई इसके पक्ष में नहीं हैं। रविवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए विशेष अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद इन सीटों पर प्रत्याशी तय करने को मंथन शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि पर्यवेक्षक, संगठन, निजी एजेंसी एवं एलआईयू से मिली रिपोर्ट के आधार पर अब सीटों पर प्रत्याशी का चयन होगा। 
विज्ञापन


तीन दिन पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल यादव की मौजूदगी में प्रत्याशियों की जो सूची जारी की थी, उसमें सबसे चौंकाने वाले नाम मेजा से अशोक सिंह, हंडिया से जोखू लाल यादव एवं शहर उत्तरी से दर्जा प्राप्त मंत्री श्री प्रकाश राय उर्फ लल्लन राय के हैं। इन तीनों को शिवपाल यादव का खास माना जाता है। तभी तो मेजा से मौजूदा विधायक गिरीश चंद्र पांडेय उर्फ गामा पांडेय और हंडिया से मौजूदा विधायक प्रशांत सिंह का टिकट काट दिया गया। लल्लन राय को भी शिवपाल यादव के खेमे का माना जाता है। लल्लन ने उत्तरी से दावेदारी नहीं ठोकी थी, बावजूद इसके उन्हें यहां से टिकट दे दिया गया। सूची जारी होने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर आपत्ति जताई थी और अगले ही दिन दूसरी सूची जारी की, जिसमें मेजा, हंडिया से मौजूदा विधायकों के साथ शहर उत्तरी से संदीप यादव को मैदान में उतारा है।

पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने करीब छह माह पहले एमएलसी लालीवती कुशवाहा एवं राम जतन राजभर को पर्यवेक्षक के रूप में इलाहाबाद भेजा था। उन्होंने सभी विधानसभा का सर्वे कर रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को दी। प्रदेश नेतृत्व ने संगठन के जरिए सर्वे कराया गया। इसके अलावा निजी एजेंसी और एलआईयू के जरिए भी अलग-अलग रिपोर्ट तैयार कराई गई। कहा जा रहा है कि चारों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी का चयन इन रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। पार्टी के तकरीबन सभी प्रमुख स्थानीय नेता पिछले तीन दिनों से लखनऊ में जमे हैं और इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव ने अखिलेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नरेश उत्तम पटेल के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने पर प्रसन्नता प्रकट की। कहा कि इससे पार्टी और मजबूत होगी। 
विज्ञापन


इलाहाबाद। मुख्ममंत्री अखिलेश यादव ने शहर पश्चिमी से ज्योति यादव के स्थान पर रिचा सिंह को मैदान में उतारा। रिचा को मैदान में उतारने के पीछे पूजा पाल को कारण माना जा रहा है, क्योंकि वह दो बार से विधायक हैं और अखिलेश एक महिला के दूसरी महिला को उतारना चाहते थे।

रेवती की भी होगी अहम भूमिका
इलाहाबाद। मेजा, हंडिया, शहर उत्तरी और पश्चिमी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय करने में सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह की भी अहम भूमिका होगी। लखनऊ अधिवेशन में भाषण शुरू करने के पहले मुख्यमंत्री द्वारा कुंवर रेवती रमण सिंह का नाम लिए जाने से यही संदेश गया है कि उनकी हैसियत कम नहीं होने जा रही। वैसे भी माना जाता है कि चाहे मुलायम, शिवपाल हो या फिर अखिलेश, इलाहाबाद में प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम फैसला रेवती की हामी के बाद ही होता है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें