पिछले कुंभ में संत निवास और भंडार के लिए अखाड़ों को दो-दो करोड़ रुपये की सहायता राशि मिली थी। इस बार इस राशि को बढ़ाकर दो गुना करने का प्रस्ताव रखा गया। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को महाकुंभ में आत्मसात करने के लिए संतों ने स्वच्छ और हरित कुंभ का एजेंडा जारी किया। महंत जूना अखाड़े के संरक्षक और अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि ने प्रयागराज के प्राचीन तीर्थों-मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार का ध्यान खींचा।
शहर से मेला छावनी तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए अखाड़ा परिषद ने सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया, ताकि हिंदुओं की रक्षा हो सके। इस मौके पर महंत प्रेम गिरि, महंत सत्य गिरि, महंत दुर्गा दास, महंत राजेश्वर सरस्वती, नंदराम दास समेत सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बतादें कि रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज आ रहे हैं। इस कारण अखाड़ा परिषद की अगुवाई में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की इस बैठक को व्यवस्थागत बदलावों को लेकर अहम माना जा रहा है।
सभी बिंदुओं पर सर्व सम्मति से लिए गए निर्णय की प्रति रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी जाएगी। साथ ही महाकुंभ की दिव्यता-भव्यता को विश्व पटल पर प्रदर्शित करने के लिए का हर संभव प्रयास किया जाएगा। - महंत रवींद्र पुरी, अध्यक्ष-अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद