महंत नरेंद्र गिरि के मौत मामले में पुलिस को मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से अहम सुराग मिले हैंं। महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले छह से 10 घंटे के बीच जिन-जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ करेगी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस को वीडियो भी हाथ लगा है, जिसकी जांच की जा रही है। महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है। आनंद गिरि का असली नाम अशोक है। राजस्थान का भीलवाड़ा उनका गृह जनपद है। आनंद गिरि के पिता किसान हैं और यह चार भाइयों में सबसे छोटे हैं।
महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में जांच के लिए गठित एसआईटी ने आद्या प्रसाद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।
महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में बलवीर गिरि को मठ और मंदिर की व्यवस्था देखने को कहा है। उन्होंने लिखा है, प्रिय बलवीर गिरि मठ, मंदिर की व्यवस्था का प्रयास करना, जिस तरह से मैंने किया। इसी तरह से करना। नितेश गिरी एवं मणि सभी महात्मा बलवीर गिरि का सहयोग करना। परमपूज्य महंत हरिगोविंद गिरि एवं सभी से निवेदन है कि मढ़ी का महंत बलवीर गिरि को बनाना। महंत रविंद्र पुरी जी (सजावट मढ़ी) आपने हमेशा साथ दिया। मेरे मरने के बाद बलवीर गिरि का ध्यान दीजिएगा। सभी को ओम नमो नारायण।
महंत नरेंद्र गिरि ने अपने आखिरी खत में लिखा है कि उनकी मौत की जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी की है। पुलिस अधिकारियों से मैं अनुरोध करता हूं कि इन पर एक्शन लिया जाए। मेरी हत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। ताकि मेरी आत्मा को शांति मिले।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच इस मामले में कराई जाएगी। केशव ने कहा कि, पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला है उसने जिन लोगों के भी नाम लिखे हैं उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन सभी से पूछताछ चल रही है। डिप्टी सीएम ने कहां कि मैं कैसे समझाऊं अपने अंतर्मन को। चंद घंटों पहले ही जिन हाथों में पूज्य महाराज जी के कर कमलों से प्रसाद ग्रहण किया था उन्हीं हाथों से उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी पहुंचे और श्रद्धांजलि दी।
महंत नरेंद्र गिरि महाराज के आकस्मिक निधन पर अल्पसंख्यक समुदाय ने भी दुख प्रकट किया। बहादुरगंज में नरेंद्र गिरि महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए उनके चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कांग्रेस नेता इरशाद उल्ला ने दुख प्रकट करते हुए कहा कि, उनकी मृत्यु से आध्यात्मिक जगत को गहरी ठेस पहुंची है। उनकी पूर्ति असंभव है। श्रद्धांजलि व माला अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से कांग्रेस सेवा दल के पूर्व नगर अध्यक्ष लालबाबू साहू, मोहम्मद रऊफ, आफताब अहमद, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद आमिर, फहद खान, मोहम्मद अमान, मोहम्मद अमन, ननकू सरदार, राजू जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे।
निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास का कहना है कि महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या नहीं कर सकते हैं। किसी साजिश के तहत इनकी हत्या की गई है।
महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम करेगी। शासन ने इस हत्या और आत्महत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया है।
स्वामी योगी सत्यम ने प्रयागराज में तैनात एक बड़े पुलिस अफसर और महंत नरेंद्र गिरि के बीच बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन को लेकर सवाल खड़ा किया है। स्वामी योगी सत्यम का मानना है कि अगर किसी सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच कराई जाए, जिससे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
बताया जाता है कि गुरु-शिष्य विवाद के समझौते के दौरान तीन अन्य लोग भी मौजूद थे, जिसमें भाजपा नेता सुशील मिश्रा, सपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इंदू प्रकाश मिश्रा और वर्तमान में मुरादाबाद में बतौर अपर पुलिस अधीक्षक तैनात रहे ओपी पांडेय भी मौजूद रहे। अब पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर सकती है।
योग गुरु आनंद गिरि को यूपी पुलिस हरिद्वार से लेकर प्रयागराज पहुंच गई है। पुलिस सिविल लाइन थाने में ले जाकर उनसे पूछताछ कर रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव महंत नरेंद्र गिरि के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ पहुंचे।
महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की सीबीआई जांच के लिए अधिवक्ता सुनील चौधरी की ओर से हाईकोर्ट में एक याचिका डाली गई है। याचिका के माध्यम से जिले के डीएम और एसएसपी को तत्काल बर्खास्त कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द करने की मांग की गई है। अधिवक्ता की ओर से कुछ अधिकारियों पर भी इस मामले में मिलीभगत होने का आरोप लगाया है। कहा कि बिनी सीबीआई के पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच नहीं की जा सकती। स्थानीय पुलिस अधिकारी मामले में लीपापोती कर सकते हैं।
महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य योग गुरु आनंद गिरि के बीच लंबे समय तक विवाद चला था, जिसके बाद दोनों के बीच समझौता हो गया था। अब महंत की मौत के बाद गुरु-शिष्य के बीच समझौता कराने वाले एक अधिकारी का नाम चर्चा में है। भावना जाहिर की जा रही है कि इस अधिकारी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतिम दर्शन के बाद कहा कि महंत नरेंद्र गिरि से जुड़े हर घटना का पर्दाफाश होगा। बुधवार को उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बेवजह की बयानबाजी से परहेज करने को कहा है।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह भी मौजूद रहे।
साधु संत चाहेंगे तो सीबीआई जांच होगी: मौर्य
श्रद्धांजलि देने पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य ने अंतिम दर्शन के बाद कहा कि साधु संत चाहेंगे तो इस मामले की सीबीआई जांच होगी। कांग्रेस को हर चीज में राजनीति दिखती है। वहीं, मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा।
महंत को फंदे से उतारने वाला शिष्य पूछताछ के दौरान बेहोश
महंत नरेंद्र गिरी के मामले में पुलिस लगातार जांच को आगे बढ़ा रही है। इसी क्रम में उनके उस शिष्य से पूछताछ की जा रही थी जिसने सबसे पहले उन्हें फंदे से लटका पाया था और शव को उतारा था। इस पूछताछ के दौरान शिष्य की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मठ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक और प्रयागराज की सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने भी महंत को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचेंगे अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे प्रयागराज पहुंचकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष दिवंगत महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन करेंगे।
आनंद गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में उनके शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। महंत के एक अन्य शिष्य अमर गिरी पवन महाराज की शिकायत के आधार पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।