हालांकि अखाड़े में मौजूद वरिष्ठ संतों के हस्तक्षेप के बाद दिन भर अलग-अलग बैठकें होती रहीं, लेकिन देर शाम तक समाधान नहीं निकल सका। मारपीट की जानकारी मिलने के बाद कीडगंज के साथ ही मुट्ठीगंज की भी पुलिस तैनात कर दी गई। शाम चार बजे श्रीमहंत रघुमुनि ने पत्रकारों से बातचीत में खुद को हटाने की साजिश रचे जाने की जानकारी दी।
उनका कहना था कि कोर्ट से स्थगन आदेश होने की वजह से वह अभी पश्चिम पंघत के श्रीमहंत के पद पर आसीन हैं, लेकिन जबरदस्ती चुनाव की बात कहकर मुझे हटाने की कोशिश की जा रही है, जो अवैधानिक है। रघुमुनि का कहना था कि उदासीन परंपरा में एक बार चुने गए महंत को हटाने का प्रावधान नहीं है। इससे पहले सचिव अग्रदास, महंत रघुमुनि और मुकामी महंत दामोदर दास ने दुर्गादास और व्यासमुनि की ओर से चुनाव की कराई जा रही तैयारी को अवैध करार दिया।
उनका दावा था कि सोसाइटी रजिस्ट्रार की मान्यता और कोर्ट के स्थगन आदेश के तहत महंत अग्रदास सचिव और रघुमुनि मुखिया महंत हैं। रघुमुनि का कहना था कि इस बार का महाकुंभ उनके ही नेतृत्व में होना था, लेकिन जबरिया उन्हें हटाया जा रहा है।
पश्चिम पंघत के रिक्त महंत पद पर नियम संगत चुनाव कराने का दुर्गा दास ने किया दावा, पट्टाभिषेक कल
कीडगंज स्थित बड़ा उदासीन अखाड़े में महंत रघुमुनि की ओर से प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर पश्चिम पंघत को लेकर चुनाव की प्रक्रिया को अवैधानिक करार देने की जानकारी मिलने के बाद मुखिया महंत दुर्गा दास रेती पर बसावट का काम छोड़कर अखाड़ा पहुंच गए। महंत दुर्गा दास का कहना था कि पश्चिम पंघत के महंत का पद रिक्त हो चुका है और महाकुंभ में चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जानी है। महंत दुर्गा दास ने बताया कि रविवार को नए महंत का चुनाव हर हाल में कर लिया जाएगा। सोमवार को पश्चिम पंघत के नएमहंत का पट्टाभिषेक होगा, जिसमें सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। महंत दुर्गादास ने कहा कि अखाड़े की परंपरा को धूमिल करने और गलत बयानबाजी कर माहौल बिगाड़नेवालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।